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यूपी में भाजपा को अपने ही सर्वे में दिख रहा भारी नुक्सान, कट सकती है 51 सीटे

amit shah nda

इसी वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और इसी चुनाव को मद्देनज़र रखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तय्यारियो में जुट गये है और सभी दल अपनी-अपनी कमियों और ताकतों को परख रहे है। इसी कड़ी में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तो अपना सर्वे भी करा लिया और इस सर्वे में भाजपा को निराशाजनक नतीजे मिले जिसके बाद वह अब नये सहयोगी दल की तलाश में जुट गई है।

‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत से 20-30 सीट दूर रह सकती है। भाजपा को सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में नुक्सान हो सकता है। भाजपा के अपने सर्वे के नतीजो के अनुसार, भाजपा को उत्तर प्रदेश में पिछली बार जहां 80 लोकसभा सीटो में 71 मिली थी वही इस बार इसी राज्य में भाजपा को 51 सीटो का नुक्सान होता दिख रहा है। सर्वे में सामने आया कि भाजपा को इस बार बसपा-सपा गठबंधन के चलते केवल 20 सीटे मिल सकती है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए सपा और बसपा ने कांग्रेस से अलग होकर अपना गठबंधन बनाया है और दोनों ने आपस में 38-38 सीटे बांटी है। इसी गठबंधन के चलते इस राज्य में और दलों का गणित गड़बड़ाता दिख रहा है। हाल ही में कांग्रेस ने प्रियंका गांधी वाड्रा को राजनीती में उतार उत्तर प्रदेश की कमान सौप दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्वे प्रियंका की एंट्री से पहले करवाया गया था। भाजपा को उम्मीद है कि प्रियंका के आने से कांग्रेस सपा-बसपा के वोट खा सकती है लेकिन भाजपा अभी भी दुविधा में है कि प्रियंका कार्ड यूपी और भारत में परिणाम देगा।

रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी सूरत में भाजपा अजीत सिंह और उनके बेटे जयंत चौधरी की पार्टी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ जा सकती है। हालांकि पिछले दिनों रालोद नेता भाजपा की केंद्र सरकार विरोधी रैलियों में दिखे थे।

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