Home > समाचार > राजस्थान की पाठ्यपुस्तकों में सावरकर नहीं कहलाएंगे ‘बहादुर क्रन्तिकारी’, बदले जाएंगे पिछली सरकार के संशोधन

राजस्थान की पाठ्यपुस्तकों में सावरकर नहीं कहलाएंगे ‘बहादुर क्रन्तिकारी’, बदले जाएंगे पिछली सरकार के संशोधन

राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने लगभग तय किया है कि राज्य की पाठ्यपुस्तकों में जो भी बदलाव पिछली वसुंधरा राजे की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा किए गए परिवर्तनों को ख़त्म किया जाएगा। दरअसल सरकार आरएसएस के आइकन सावरकर को लेकर कुछ बड़े बदलाव करने जा रही है।

द वायर की खबर के अनुसार, राजस्थान सरकार विनायक सावरकर के “बहादुर क्रांतिकारी” के रूप सन्दर्भ को हटाने का फैसला किया है, और उनके अंग्रेजों से क्षमादान आवेदन का विवरण जोड़ दिया जाएगा।

बताते चले कि जब साल 2014 में केंद्र में भाजपा ने सत्ता संभाल ली तो राजस्थान की राजे सरकार ने नरेंद्र मोदी सरकार का महिमामंडन करने और स्कूल के पाठ्यक्रम में बदलाव कर पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा का प्रचार करने का बीड़ा उठाया था।

कक्षा 10 के लिए राज्य बोर्ड की पाठ्यपुस्तक ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अध्याय में सावरकर को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया था। जवाहरलाल नेहरू को दरकिनार करते हुए उन्हें “केवल बहादुर क्रांतिकारी के रूप में दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई और विभाजन को रोकने के अथक प्रयासों में लगाया गया।” इसके अलावा, महात्मा गांधी की हत्या या 2002 के गुजरात दंगों का कोई संदर्भ किताबों में नहीं था।

पिछले साल दिसंबर में सत्ता में आने के तुरंत बाद, कांग्रेस सरकार ने एक पाठ्यपुस्तक पुनरीक्षण समिति बनाई थी। अब, समिति ने सिफारिश की है कि पाठ्यपुस्तक को संशोधित किया जाए और यह भी शामिल किया जाए कि सावरकर ने कैसे अंग्रेजों से क्षमादान माँगा था।

नए शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यपुस्तकों में समिति की सिफारिशों को शामिल करने की घोषणा करते हुए, राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को कहा, “पिछली भाजपा सरकार ने अपने राजनीतिक स्कोर के लिए शिक्षा को आरएसएस की प्रयोगशाला में बदल दिया था। यह सावरकर और दीनदयाल उपाध्याय जैसे लोगों का महिमामंडन करने के लिए गया।

Leave a Reply