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क्या ‘रिपब्लिक टीवी’ रिपोर्टर ने की एएमयू का माहौल बिगड़ने की कोशिश? यह वीडियो हो रहा है वायरल

republic tv in amu

उत्तर प्रदेश की अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) पिछले कुछ समय से विवादों का गढ़ बन चुकी। ताज़ा मामला यह सामने आया कि एएमयू कैंपस में समाचार चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ की रिपोर्टर एएमयू कैंपस में रिपोर्टिंग करने पहुची और इसके बाद वहां बवाल की खबर सामने आ गई। इस बवाल के बाद खबर आ रही है कि जिला प्रशासन ने जिले में 22 घंटे तक इंटरनेट सेवा बंद करने का निर्णय लिया है।

जनता का रिपोर्टर की रिपोर्ट के अनुसार, खबर सामने आ रही है कि डीएम चंद्र भूषण सिंह ने आदेश जारी किया है कि ज़िले में बुधवार(13 फरवरी) दोपहर 2:00 बजे से लेकर गुरुवार दोपहर 12:00 बजे तक इंटरनेट सेवा ठप रहेगी। डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि अलीगढ़ में शांति-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी मोबाइल कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं बुधवार दोपहर 2 बजे से लेकर गुरुवार दोपहर 12 बजे तक बंद रहेंगी।

आदेश में यह भी कहा गया कि बीएसएनएल सहित सभी इंटरनेट सर्विस प्रदाता कम्पनी इंटरनेट सेवा का कार्य नहीं करेंगी। मोबाइल पर सोशल मीडिया के जरिए एएमयू प्रकरण को लेकर वीडियो व फुटेज वायरल किए जाने से माहौल बिगड़ने की संभावना के चलते ऐसा किया जा रहा है।

वही दूसरी ओर खबर आ रही है कि इस मामले को लेकर पुलिस ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कम से कम 14 छात्रों पर राजद्रोह की एफआईआर दर्ज की है। ‘जनता का रिपोर्टर’ से बात करते हुए अलीगढ़ के एसपी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि 14 छात्रों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद, भारत मुर्दाबाद’ के नारे लगाए है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इन आरोपों का समर्थन करने के लिए अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है।

गौरतलब है कि मंगलवार को रिपब्लिक टीवी के प्रतिनिधियों द्वारा कथित रूप से उत्तेजक प्रसारण के गवाह स्थानीय छात्र शरजील उस्मानी वेबसाइट से बात करते हुए कहा, रिपब्लिक टीवी की दो महिला रिपोर्टर कैंपस में आकर रिपोर्टिंग कर रही थीं। वह लोग कैंपस से ही लाइव चला रहे थे। मुझे समझ में नहीं आया कि वह लोग किस चीज की रिपोर्टिंग करने के लिए आए थे, क्योंकि यहां तो कोई कार्यक्रम या समारोह था नहीं। उन्होंने जब रिपोर्टिंग करनी शुरू की तो कहा- ‘रिपोर्टिंग लाइव ऑफ द कैंपस ऑफ टेरेरिस्ट…’ (आतंकवादियों के परिसर से डायरेक्ट लाइव रिपोर्टर) इस पर हमने कैमरामैन को रोकते हुए कहा कि यह क्या बदतमीजी है? जिसके बाद उसने मुझे धक्का मारने हुए कहा कि जाओ अपना काम करो। उस्मानी ने आगे कहा, कैमरामैन के साथ में दो महिला रिपोर्टर थीं, वह लोग भी हम लोगों के साथ बदतमीजी करना शुरू कर दिए। इसके बाद कैमरे के सामने वह लोग जोर-जोर चिल्लाकर कहने लगे देखिए कैसे आतंकवादी बच्चे अपना असली चेहरा दिखा रहे हैं। जब हमने कैमरे को बंद करने की कोशिश तो कैमरामैन ने पेन से मेरे हाथ पर हमला कर दिया, जिसके बाद मैंने भी उसको एक थप्पड़ मारकर बाहर निकाल दिए।

हालांकि अबतक सामने आए वीडियो में साफ़ सुनाई दे रहा है कि रिपब्लिक टीवी की रिपोर्टर जब रिपोर्टिंग करने वाली थी तब एएमयू प्रशासन उन्हें परमिशन लेने और परमिशन के बिना रिपोर्टिंग रोकने की बात कर रहा था और इसी बीच जब रिपोर्टर ने रिपोर्टिंग शुरू की तो उसमे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम सुनाई दिया। वह कहती सुनाई दी कि अखिलेश यादव को लखनऊ एयरपोर्ट पर एक विमान में सवार होने से रोक दिया गया। ख़ास बात यह है कि अखिलेश यादव के मामले का एएमयू का कोई दूर दूर तक कनेक्शन नहीं लेकिन फिर भी रिपब्लिक टीवी रिपोर्टर एएमयू कैंपस में पहुचे और इस मामले पर वहां रिपोर्टिंग शुरू की और इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर रिपोर्टर और चैनल की आलोचना की जा रही है।

वही आपको बता दें कि इससे पहले पश्चिम बंगाल में जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठी थी तब पत्रकार उनसे सवाल कर रहे थे और इसी बीच जब ‘रिपब्लिक टीवी’ के रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया तो ममता ने उन्हें लताड़ लगा दी और एक कड़क जवाब देकर सबको चौका दिया. उन्होंने सवाल आधा सुनते ही यह कहकर रिपोर्टर को रोक दिया कि ‘बाप रे…’ भाई रिपब्लिक तो रिपब्लिक हो गया है।’ उन्होंने कहा कि भाई आप लोग सबको (विपक्षी नेताओं को) इतना बेइज्जती क्यों करते हो? आप सवाल क्यों कर रहे हो? आप हमेशा नेगेटिव रहते हो, आप केवल बीजेपी के चैनल हो।

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