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गुजरात: विदेशी छात्रों को पुलिस-मीडिया से बिना इजाज़त मिलने को लेकर मिली वार्निंग, जबरन मुस्लिम बहुल इलाके में किया शिफ्ट?

gujarat university

तरह भारत के छात्र विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करते है ठीक उसी तरह कुछ देशो के छात्र भारत में शिक्षा प्राप्त करने आते है। इन्ही छात्रों में से कुछ छात्र जो गुजरात यूनिवर्सिटी के स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम (SAP) के तहत गुजरात में पढाई कर रहे है उन्हें एक हलफनामा साइन करने को कहा गया है जिसमे कहा गया है कि वे यूनिवर्सिटी अधिकारियो की इजाज़त के बिना मीडिया या पुलिस से संपर्क नहीं करेंगे।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 300 छात्रों को एक हलफनामा साइन करने को कहा गया है। इन छात्रों को यह भी दी गई थी कि गुजरात यूनिवर्सिटी के अफसरों की इजाज़त के बिना पुलिस या मिलना में जाना कोड ऑफ़ कंडक्ट का उल्लघंन माना जाएगा और इसके चलते उन्हे कॉलेज से निष्कासित और देश से डिपोर्ट किया जा सकता है। इन 300 विदेशी छात्रों में से 35 छात्र अफ़ग़ानिस्तान से है और इन्हें सितंबर में मर्ज़ी के खिलाफ अहमदाबाद के मुस्लिम बहुल लाल दरवाज़ा इलाके में शिफ्ट कर दिया गया था जो कैंपस से करीब 10 किमी दूर है।

उन्हें शिफ्ट करने के पीछे का कारण छात्रों की ‘खाने-पीने की आदत और संस्कृति’ बताई गई थी। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान सैप कोआर्डिनेटर और खानपुर स्थित भारतीय विद्या भवन पीजी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड कॉमर्स के प्रिंसिपल नीरज गुप्ता ने बताया, ‘छात्र अधिकतर लाल दरवाज़ा इलाके में रह रहे है। दरअसल, वे सभी मुसलमान है। ऐसे में उनके खाने-पीने की आदतों, समुदाय और संस्कृति के मद्देनज़र उन्हें वहां रखा गया है। उन्हें शहर के पश्चिमी इलाके में हॉस्टल देने की कोशिश की गई लेकिन छात्रों और पड़ोसियों से उनके नॉनवेज खाने की आदत को लेकर शिकायते मिली। वही इन छात्रों ने यह शिकायत की कि उन्हें आसानी से नॉनवेज खाना नही मिलता। इसलिए हॉस्टल की सुविधा बंद कर दी गई.’ गुप्ता ने कहा उन्हें निर्देश दिया जाना ज़रूरी थी। उन्होंने कहा, ‘ऐसा करने की वजह थी, कुछ वक्त पहले लडको के हॉस्टल के हालात को लेकर एक चैनल ने झूठी रिपोर्ट आई। छात्र ऐसी चीजों के परिणाम के बारे में नहीं समझते. इससे देश की छवि ही खराब होती है।’

रिपोर्ट के अनुसार, वही लाल दरवाजा इलाके में रहने वाले अफ़ग़ान छात्र का कहना है कि सभी अफगान बाशिंदे नॉनवेज नहीं खाते। अगर उसे कॉलेज के नज़दीक हॉस्टल दिया जाएगा तो वह नॉनवेज खाना नहीं खाएगा।

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